Sunday, July 4, 2010

मानव जीवन




यह कविता मैंने कॉलेज के दिनों में कॉलेज की ही मैगजीन के लिए लिखी थी ....जो प्रकाशित भी हुई थी ...इसे आज अपने ब्लॉग में शामिल कर रही हूँ ...



जल ,वायु ,मृदा ,अग्नि या आकाश ...


कौन आया पृथ्वी पर सर्वप्रथम


कितना अनबूझ है यह तथ्य ...


जीवन कि उत्पत्ति का


आखिर क्या था सर्वप्रथम ?


क्या गहन अन्धकार था ?


या थी रौशनी की चकाचौंध


क्या केवल जल हा जल था ?


या वनस्पति एकाकी ...


कुछ तो रहा होगा !


किसने देखा होगा वह रोमांचक प्रक्रम ...


जीवन की उत्पत्ति का !


आखिर क्या है सत्य जीवन का ?


क्या सृष्टि है ब्रह्मा की रचना ?


या माना जाए मिलर का प्रयोग...


जड़-तत्वों से बना चेतन !


क्या बना होगा जीवन...


उत्पत्ति के उन आठ चरणों में ?


या सचमुच रही होगी कोई ...


अदृश्य शक्ति !


कौन बताएगा ???


सत्य मानव जीवन का !!!


ग्रन्थ ?


विज्ञान ?


प्रज्ञा ?




3 comments:

  1. सटीक प्रशन करती हुई ये सुन्दर रचना बहुत खूब ......बहुत बढ़िया प्रस्तुति

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  2. marmsparshee rachna ke liye badhai

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